विडंबना : नौकरियों में बंदरबांट
एक ओर विशेष कृपा, दूसरी तरफ भुखमरी की कगार पर खेल शिक्षक
. विरोध में प्रदेश के 25 हजार खेल शिक्षक आंदोलन को तैयार
इससे बेरोजगार ना केवल खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, बल्कि सिस्टम के सुरसा पर चोट करने का साहस भी जुटा रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है।
अयोग्य व्यक्तियों को कर रहे उपकृत
बेरोजगार बीपीएड संघ के सचिव भीम जाट बताते हैं कि खेल और शिक्षा विभाग के कई संविदा पदों पर ऐसे व्यक्तियों को रखा गया है जो किसी भी तरह से योग्य नहीं। यही नहीं सेवा काल के दौरान बिना किसी स्वीकृत छुट्टी के उक्त व्यक्तियों को एमपीएड और बीपीएड जैसे रेगुलर क्लासेस कोर्स करने की छूट भी प्रदान की जा रही है, ताकि बाद में उन्हें पद योग्य बनाया जा सके।
एमपीएड, बीपीएड संघ का संयुक्त आंदोलन 23 को
उधर एमपीएड, बीपीएड संघ का संयुक्त मोर्चा नौकरियों में बंदरबांट और शासकीय कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध गोरखधंधे पर तुरंत लगाम लगाने तथा पी ई टी शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर 23 जुलाई को सीएम हाउस का घेराव करेंगे। इसमें सहभागिता करने के लिए जिला भर से बेरोजगार खेल शिक्षक भोपाल में जुटेंगे। इस दौरान पैदल यात्रा भी आयोजित की जाएगी, जिसमे भाग लेकर खेल शिक्षक भोपाल पहुचेंगे।
विदिशा वाया भोपाल मैराथन
इस आयोजन के अंतर्गत मैराथन दौड़ का आयोजन भी किया जा रहा है जिसमे भाग लेकर खेल शिक्षक गोपाल पहुचेंगे और धरना कार्यक्रम ने भाग लेंगे।
क्या कहते है संघ के पदाधिकारी
कार्यक्रम को लेकर संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों में अपील कर अधिक से अधिक साथियो से इसमें शामिल होने का निवेदन किया है। उन्होंने कहा कि हम अपने अधिकार की लड़ाई पिछले 14 वर्षो से लड़ रहे है। सरकार हमारे साथ धोखा कर रही है। इतने वर्षों से खेल शिक्षक की भर्ती नहीं हुई है। यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
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