ओलंपिक की उपलब्धियों के बीच
विभाग ने की खिलाड़ियों की पुरुस्कार राशि में कटौती
जबलपुर। ओलंपिक में भारत ने स्वर्ण जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की है। यह खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उत्साह और लगन का नतीजा है। एक तरफ जहां ओलिंपिक से वापस लौटे खिलाड़ियों पर सम्मान और पुरस्कार की वर्षा की जा रही है, दूसरी तरफ खेल विभाग ने राष्ट्रीय स्पर्द्धा के पदक विजेताओं को मध्यप्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरुस्कार राशि में कटौती कर उन्हें हतोत्साहित करने का काम किया है। इससे न सिर्फ खिलाड़ियों में बैचेनी बल्कि निराशा है भी बढ़ा दी है। खेल विभाग के इस कारनामे से खिलाड़ियों में रोष है।
विदित हो कि विगत सत्र के सब–जूनियर, जूनियर व सीनियर राष्ट्रीय वूशु स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश के खिलाड़ियों ने ना सिर्फ 39 स्वर्ण, 32 रजत व 30 काँस्य सहित कुल 121 पदक जीते बल्कि देश भर में चैंपियन बनाते हुए मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया। जब मैदान पर खिलाड़ी जी जान लगाकर प्रदेश को चैंपियन बनाने में लगे थे, तब सरकार ने भी उन्हें सम्मान स्वरूप प्रोत्साहन देने की योजना पर अमल करने की नसीहत की थी। परन्तु अब जब खिलाड़ियों को नियत राशि देने का समय आया तब मध्यप्रदेश शासन के पुरुकार नियम 2019 को ताक पर रख कर खेल विभाग ने अत्यंत कम राशि खिलाड़ियों के खाते में डालकर उन्हें निराश करने का काम किया है। विभाग के इस रवैए से खिलाड़ियों के मन मे निराशा उत्पन्न हो गई और दर्जनों नेशनल मेडलिस्ट व अवार्डी खिलाड़ियों ने प्रशिक्षक मनोज गुप्ता के साथ कैंट विधायक अशोक रोहाणी को ज्ञापन सौंप कर अपनी पीड़ा व खेल अधिकारियों की दोषपूर्ण कार्यप्रणाली से अवगत कराया।
यह अकेला ही मामला नहीं है जब खिलाड़ियों ने खेल विभाग के इस रवैया के विरुद्ध विरोध जताया है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी भोपाल के खिलाड़ियों ने भी ऐसी ही शिकायत खेल मंत्री तक भी पहुचाई है।
मामले के संज्ञान में आने के बाद अशोक रोहाणी सभी खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि वे भोपाल जाकर खेल अधिकारियो से मिल कर नियमानुसार सभी को निर्धारित पुरस्कार राशि उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों के जोश को कायम रखेंगे।
0 Comments