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एकाग्र श्रृंखला 'गमक

विविध कलानुशासनों की गतिविधियों का प्रदर्शन

 जावेद उसमानी ने दी गज़ल की प्रस्तुति


भोपाल । मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की विभिन्न अकादमियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत बहुविध कलानुशासनों की गतिविधियों पर एकाग्र श्रृंखला 'गमक' का ऑनलाइन प्रसारण सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर किया जा रहा है| श्रृंखला अंतर्गत आज मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से शाम-ए-गज़ल कार्यक्रम में नीलिमा शर्मा, ग्वालियर एवं जावेद उसमानी, भोपाल द्वारा 'गज़ल गायन' की प्रस्तुति हुई जिसका प्रसारण मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा किया गया।

प्रारंभ में अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी उसके पश्चात डॉ. नीलिमा शर्मा ने अपना गायन आरम्भ किया| सुश्री शर्मा ने बहादुर शाह ज़फ़र की- बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो न थी, जैसी अब है तेरी महफ़िल कभी ऐसी तो न थी | बशीर बद्र- आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा, कश्ती के मुसाफ़िर ने समंदर नहीं देखा | फ़ैज़- राज़ ए उल्फत चुप के देख लिया, दिल बोहोत कुछ जला के देख लिया | गोपाल दास नीरज की गज़ल- जब चले जाएँगे हम लौट के सावन की तरह... प्रस्तुत कीं| 

प्रसिद्ध ग़ज़ल गायिका डॉ. नीलिमा शर्मा ग़ज़ल और लाइट म्युज़िक की दुनिया में जाना पहचाना नाम हैं। आप दूरदर्शन आकाशवाणी की 'ए' ग्रेड कलाकार हैं। सुश्री नीलिमा ने गायन की शिक्षा ग्वालियर घराने के स्व. आर. एस. वाघ एवं पद्मश्री बाला साहेब पूछवाले से ग्रहण की । आप आकाशवाणी संगीत सम्मेलन- देहरादून, हेबिटेट सेंटर- दिल्ली, कुल्लू इंटरनेशनल फेस्टिवल, ताज महोत्सव, लता मंगेशकर अलंकरण- इंदौर, केशव जयन्ती समारोह, बरखा महोत्सव आदि में प्रस्तुति दे चुकी हैं। 

दूसरी प्रस्तुति जावेद उसमानी की हुई जिसमें उन्होंने जाँ निसार अख़्तर- तू इस क़दर अपने क़रीब... लगता है, तुझे अलग से सोचूँ अजीब... लगता है, कैफ़ भोपाली- ये मिजाज़े नाज़ के वफ़ा हुआ... उन्हें मुझे, मेरी गुफ़्तगू मेरी जुस्तजू मेरा... इंतेज़ार आजकल, ग़ालिब- हर एक बात पे कहते हो तुम के...तू क्या है, तुम्हीं कहो के ये अंदाज़े... गुफ़्तगू क्या है एवं शकील बदायूनी- हर जफ़ा हर सितम गवारा है, सिर्फ़ कह के तू हमारा है आदि गज़ल प्रस्तुत कीं| कार्यक्रम के अंत में अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने सभी श्रोताओं का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम का संचालन संजय श्रीवास्तव ने किया।

श्रृंखला अंतर्गत 06 अगस्त, 2021 को सायं 07:00 बजे से साहित्य अकादमी की ओर से सांगीतिक प्रस्तुति के अंतर्गत सुश्री भारती दीक्षित और साथी, इंदौर द्वारा 'कथा पन्नाधाय की' प्रस्तुति होगी।

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