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तीसरी लहर से बचाने गांव गांव दे रहीं संदेश


तीसरी लहर से बचाने गांव गांव दे रहीं संदेश

भोपाल। कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप हम सभी देखा और सहा। लेकिन अब देश के कुछ हिस्सों में कोरोना की तीसरी लहर की आहट सुनाई देने लगी है। इसलिए हमें कोरोना की दूसरी लहर के लिए अभी से ही मानसिक और शरीरिक तौर पर तैयार होना होगा। यह समझाइश देकर शहर की युवा कम्युनिकेटर आशी चौहान राजधानी के आसपास के गांवों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। 

आशी चौहान का कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी सरकार के साथ ही आम लोगों की भी है। हमे भी इसके लिए तैयार होना होगा। आशी ने कहा कि वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना की तीसरी वेव का बच्चो पर ज्यादा असर पड़ेगा। ऐसे में हमे अभी से ही बच्चों को कोरोना का सामना करने के लिए अभी से तैयार करना होगा। बच्चों को अभी से मास्क लगाने और लोगों से जरूरी दूरी बनाने की समझाइश बहुत जरूरी है। 

स्कूल खुलने के बढ़ी जिम्मेदारी: 

राज्य सरकार ने करीब डेढ़ साल बाद स्कूल खोलने की मंजूरी दी है ऐसे में स्कूल प्रबंधन के साथ साथ बच्चो के पेरेंट्स की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। स्कूल जाने से केवल पढ़ाई ही नही, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व का विकास भी होता है। जो ऑनलाइन पढ़ाई से संभव नहीं। स्कूल उसे दोस्त बनाता और यहां उसे अच्छे बुरे का अनुभव होता है, उनके नेचर के बदलाव आता है। इसलिए स्कूल समय की जरूरत है। आशी ने कहा कि स्कूल फिर से बंद न हो इसलिए हमें कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। 

एक दर्जन गांव में बच्चों से किया सम्पर्क: 

आशी न बताया कि कोरोना से जंग जीतने के लिए हम सभी को तैयार होना होगा। इसलिए ngo, स्वयंसेवी संस्थाएं, कॉलोनी विकास समिति आदि को आगे आना चाहिए। आशी में कहा कि वे राजधानी भोपाल के आसपास के एक दर्जन गांवों में लोगो से सम्पर्क कर कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के विषय में लोगोंको जागरूक कर रही हैं। इस दौरान आदमपुर, भानपुर, सूखी सेवनिया, ईंटखेड़ी, रातीबड़, नीलबड़ आदि ग्राम में लोगो को तीसरी लहर के बचाव के लिए तैयार किया जा रहा है। आशी का कहना है कि, उनका अभियान अभी लगातार चलेगा। इस अभियान में आशी के साथ लोग भी जुड़ रहे हैं।

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