प्रचार की आड़ में नाकामी छुपाने का प्रयास
- भारी भरकम खर्च, पर अकादमी नाकाम
- फीडर सेंटर को मिला गोल्ड
गौरतलब है कि काबिलियत के दम पर प्रदेश को स्वर्ण दिलाने वाले ऋषभ को न तो अकादमी की तरह सुविधाएं हासिल नहीं। बावजूद इसके सेंटर के कोच पंकज प्रवीण और एकता यादव ने वो कारनामा किया है जो अकादमी में कोचिंग के नाम पर बाहरी भरकम रकम वसूलने वाले कोच नहीं कर सके हैं। यही नहीं विभाग भी अकादमी के खिलाड़ियों पर जितना खर्च कर रहा है उसके एवज में इसके खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन निम्न स्तर का ही कहा जायेगा।
बता दें कि स्पर्धा में अकादमी के 6 खिलाड़ियों ने शिरकत की थी। इनमे दो अन्य खिलाड़ी कांस्य तक ही पहुंच सके हैं। जिसमें से एक अन्य भी ग्वालियर का बताया जा रहा है। उधर समाचार में भी मध्य प्रदेश को मेडल मिलना तो दिखाया है, लेकिन अकादमी पर कोई फोकस नही किया गया है। ऐसे में अकादमी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर जहां सवाल उठ रहे हैं, वहीं उनके कोच द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण पर भी प्रश्न तो पूछे ही जाने चाहिए। शब्दों के हर फेर में यह भी नहीं लिखा गया है कि अकादमी को जूनियर नेशनल में एक भी गोल्ड नहीं मिला है।
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